30 जून 2026 से पहले महाराष्ट्र किसानों का 2 लाख तक कर्ज होगा माफ – राजस्थान भी दे रहा ब्याजमुक्त लोन
खरीफ सीजन सिर पर है और आपके खाते में अभी भी पुराने कर्ज का बोझ है — यही वो दर्द है जो महाराष्ट्र और राजस्थान के लाखों किसान इस वक्त महसूस कर रहे हैं। लेकिन जो बात आपको शायद कोई नहीं बताएगा वो ये है: 30 जून 2026 एक non-negotiable deadline है — उससे पहले या तो आपका कर्ज माफ होगा, या फिर आप अगले लोन चक्र के लिए अपात्र रह जाएंगे। महाराष्ट्र सरकार ने ₹164 करोड़ का बारिश राहत पैकेज, ₹2 लाख तक की कर्जमाफी और ₹20,000 करोड़ का बिजली बिल माफी पैकेज एक साथ मेज पर रखा है। उधर राजस्थान में 27 लाख+ किसानों के लिए ब्याजमुक्त लोन की तैयारी पूरी हो चुकी है। यह जानकारी आपके लिए अभी, इस वक्त काम की है।
DEADLINE LOCKED
महाराष्ट्र – मार्च 2026 की बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों के लिए ₹1,64,83,44,000 के मुआवजे को मंजूरी मिल चुकी है। 30 सितंबर 2025 तक जिन पर ₹2 लाख तक का फसल ऋण बकाया था – उन सभी का पूरा कर्ज माफ होगा। नियमित कर्ज चुकाने वालों को ₹50,000 का अलग से प्रोत्साहन मिलेगा। 7.5 HP तक के कृषि पंप वाले किसानों का बिजली बिल भी जाएगा – ₹20,000 करोड़ का प्रावधान।
राजस्थान – 27 लाख+ किसानों को खरीफ सीजन से पहले सहकारी बैंकों के जरिए ब्याजमुक्त फसल लोन – सीकर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक अकेला ₹791 करोड़ बांटेगा। यह आपके लिए अभी mission-critical है क्योंकि 30 जून 2026 के बाद कर्जमाफी की खिड़की बंद हो जाएगी।
महाराष्ट्र में कर्जमाफी का फायदा कैसे मिलेगा – 5 जरूरी स्टेप्स

पात्र होना और फायदा मिलना – ये दोनों एक नहीं हैं। यहाँ वो रास्ता है जो वाकई काम करता है:
- पहले अपनी पात्रता कन्फर्म करें (Critical Step)
जिन किसानों पर 30 सितंबर 2025 तक ₹2 लाख या उससे कम का फसल ऋण बकाया था, वही इस कर्जमाफी योजना के दायरे में आते हैं। जो उससे पहले ही कर्ज चुका चुके हैं, वे ₹50,000 प्रोत्साहन के लिए पात्र हैं। अपने जिला सहकारी बैंक या राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा में जाकर बकाया राशि की तारीख-सहित रसीद लें। - जरूरी दस्तावेज एकसाथ तैयार रखें
आधार कार्ड, 7/12 उतारा (सातबारा), बैंक पासबुक, लोन खाता नंबर, और मोबाइल नंबर – यह पाँचों high-value दस्तावेज हैं। मोबाइल नंबर का बैंक खाते और आधार दोनों से लिंक होना non-negotiable है। - बारिश मुआवजे के लिए तहसील में रिपोर्ट कराएं
मार्च 2026 की बेमौसम बारिश से जिनकी फसल प्रभावित हुई – अंगूर, गेहूं, सब्जी, बागवानी — उनके लिए ₹164 करोड़+ अलग से मंजूर हैं। तहसीलदार कार्यालय में फसल नुकसान की सूचना दर्ज कराना जरूरी है। यह बिल्कुल अलग प्रक्रिया है — कर्जमाफी से मिलाएं नहीं। - बिजली बिल माफी के लिए पंप HP जांचें
7.5 HP या उससे कम के कृषि पंप इस्तेमाल करने वाले किसान बिजली बिल माफी के लिए पात्र हैं। अपने बिजली विभाग से पंप की HP रेटिंग और कनेक्शन नंबर कन्फर्म करें। - 30 जून से पहले स्थिति ऑनलाइन या बैंक में चेक करें
राज्य सरकार ने निर्देश दिया है कि राशि सीधे बैंक खाते में DBT के जरिए आएगी। mahaadhikar.in या अपनी जिला सहकारी बैंक शाखा पर नियमित अपडेट लें। 30 जून 2026 की डेडलाइन deadline-locked है।
Field Note: पुणे एग्रो हैकाथॉन 2026 (मई 2026) में CM देवेंद्र फडणवीस ने खुद कहा – “कैबिनेट उपसमिति की बैठक पूरी हो चुकी है, कुछ जिलों की तकनीकी जानकारी आते ही अंतिम घोषणा होगी।”
Common Mistake: बहुत से किसान बारिश मुआवजे और कर्जमाफी को एक ही योजना समझते हैं। यह दोनों अलग-अलग पैकेज हैं – दोनों का अलग-अलग आवेदन करें।
यह सिर्फ कर्जमाफी नहीं – 2026 की कृषि ऋण नीति में असली बदलाव क्या है?

पिछले दशक में महाराष्ट्र में कर्जमाफी का एलान होना और जमीन पर उतरना – दोनों के बीच हमेशा एक खाई रही है। 2017 की कर्जमाफी में लाखों किसानों को महीनों इंतजार करना पड़ा था। लेकिन 2026 में तीन बड़े बदलाव हैं जो इसे structurally अलग बनाते हैं।
पहला – DBT (Direct Benefit Transfer): राशि सीधे बैंक खाते में। बिचौलिए का कोई रोल नहीं। कृषि मंत्री दत्ता भरणे ने मई 2026 में स्पष्ट किया कि विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता भी इस योजना में बाधा नहीं बनेगी।
दूसरा – 67% लोन वितरण जिला सहकारी बैंकों से: महाराष्ट्र में अभी कुल कृषि ऋण का 67% हिस्सा जिला सहकारी और ग्रामीण बैंकों से आता है, सिर्फ 26% राष्ट्रीयकृत बैंकों से। यानी कर्जमाफी की सबसे बड़ी लाभार्थी आबादी सहकारी बैंक ग्राहक ही हैं।
तीसरा – प्रोत्साहन मॉडल: जो किसान समय पर कर्ज चुकाते आए हैं उन्हें ₹50,000 अलग से मिलेंगे – सरकार सिर्फ डिफॉल्टर्स को नहीं, जिम्मेदार किसानों को भी reward कर रही है।
Expertise Note: राजस्थान का मॉडल थोड़ा अलग है – वहाँ कर्ज माफ नहीं होता, बल्कि ब्याज का बोझ सरकार उठाती है और किसान सिर्फ मूलधन चुकाता है। यह fiscal sustainability के नजरिए से ज्यादा टिकाऊ मॉडल माना जाता है।
राजस्थान के 2026-27 बजट में ₹25,000 करोड़ ब्याजमुक्त फसल ऋण का प्रावधान है – जिसमें 35 लाख+ किसानों को कवर करने का लक्ष्य है। ब्याज सब्सिडी के लिए राज्य सरकार ₹800 करोड़ खुद वहन करेगी। खरीफ 2026 के लिए 27 लाख+ किसानों को प्राथमिकता से लोन देने का काम सहकारी बैंकों को सौंपा जा चुका है।
Conflicting Data: एक जगह 27 लाख किसानों का आंकड़ा खरीफ-specific लक्ष्य के रूप में आया है, जबकि बजट दस्तावेज में वार्षिक लक्ष्य 35 लाख+ किसानों का है। हमने खरीफ 2026 के लिए 27 लाख का उपयोग किया है क्योंकि यह अधिक हालिया और specific है।
यह नीतिगत बदलाव इसलिए game-changer है क्योंकि निजी साहूकारों से लिए गए कर्ज पर अक्सर 24–36% ब्याज लगता है – सरकारी ब्याजमुक्त लोन उस जाल से बाहर निकलने का real रास्ता है।
आज की तारीख – 22 मई 2026 – और आपके पास सिर्फ 39 दिन
30 जून 2026 की डेडलाइन से अब सिर्फ 39 दिन बचे हैं। खरीफ बुआई जून के पहले हफ्ते से शुरू हो जाती है – और अगर आपका पुराना कर्ज माफ नहीं हुआ, तो नया लोन मिलना मुश्किल होगा।
Act Now: अपने जिला सहकारी बैंक में 31 मई 2026 से पहले जाएं और कर्जमाफी की स्थिति जांचें। 30 जून तक राशि खाते में आने की पुष्टि करें।
महाराष्ट्र के किसानों के लिए:
ऑनलाइन पात्रता जांच – mahaadhikar.in | किसान हेल्पलाइन – 1800-180-1551 (टोल-फ्री)
राजस्थान के किसानों के लिए:
ब्याजमुक्त लोन के लिए नजदीकी ग्राम सेवा सहकारी समिति या जिला केंद्रीय सहकारी बैंक से संपर्क करें। सीकर क्षेत्र के किसान सीकर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक पर सीधे आवेदन कर सकते हैं।
सरकारी आदेश जारी हो चुके हैं, 22 मई 2026 को verified। अपडेट के लिए – maharashtra.gov.in
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
महाराष्ट्र में कर्जमाफी कब तक होगी और कितना कर्ज माफ होगा?
30 जून 2026 तक महाराष्ट्र के सभी पात्र किसानों का ₹2 लाख तक का फसल ऋण पूरी तरह माफ किया जाएगा। यह योजना उन किसानों के लिए है जिन पर 30 सितंबर 2025 तक ₹2 लाख या उससे कम का बकाया था। राशि DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में जाएगी। नियमित कर्ज चुकाने वाले किसानों को ₹50,000 का प्रोत्साहन अनुदान अलग से मिलेगा। कृषि मंत्री दत्ता भरणे ने मई 2026 में स्पष्ट किया कि आचार संहिता इस प्रक्रिया में रुकावट नहीं बनेगी।
Pro Tip: अपने बैंक में जाकर लोन अकाउंट स्टेटमेंट लें और सुनिश्चित करें कि आपकी कर्जमाफी सूची में नाम है – अपनी पात्रता ऑनलाइन जांचें – गलती महंगी पड़ सकती है।
राजस्थान में 27 लाख किसानों को ब्याजमुक्त लोन कैसे मिलेगा?
राजस्थान में खरीफ सीजन 2026 से पहले 27 लाख+ किसानों को सहकारी बैंकों के जरिए शून्य ब्याज पर फसल ऋण मिलेगा — किसान को सिर्फ मूलधन लौटाना होगा, ब्याज सरकार देगी। राजस्थान सरकार ने इसके लिए ₹800 करोड़ की ब्याज सब्सिडी रखी है। सीकर केंद्रीय सहकारी बैंक अकेला ₹791 करोड़ का लोन बांटेगा। किसान अपनी नजदीकी ग्राम सेवा सहकारी समिति में जाकर आवेदन कर सकते हैं।
Critical Warning: अगर आपका पिछला सहकारी लोन बकाया है तो पहले उसे निपटाएं – बकाया रहने पर नए ब्याजमुक्त लोन में पात्रता प्रभावित हो सकती है।
महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को मुआवजा कब मिलेगा?
20 मई 2026 को महाराष्ट्र सरकार ने मार्च 2026 की बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों के लिए ₹1,64,83,44,000 के मुआवजे को सरकारी आदेश से मंजूरी दी। अंगूर, गेहूं, सब्जियाँ और बागवानी फसलें — सभी इसमें शामिल हैं। जिला प्रशासन को राशि जल्द वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह मुआवजा कर्जमाफी से अलग है — दोनों के लिए अलग-अलग आवेदन करने होंगे।
Pro Tip: तहसीलदार कार्यालय में पंचनामा (नुकसान का सरकारी दस्तावेज) कराना जरूरी है – बिना पंचनामे के मुआवजे की प्रक्रिया शुरू नहीं होगी।
The 2026 Bottom Line – किसान ऋण राहत: जो जानना जरूरी है
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| Critical Deadline | 30 जून 2026 – कर्जमाफी की अंतिम तारीख (महाराष्ट्र) |
| कर्जमाफी राशि | ₹2 लाख तक – पूरा माफ (30 सितंबर 2025 तक बकाया) |
| प्रोत्साहन अनुदान | ₹50,000 – नियमित कर्ज चुकाने वाले किसानों को |
| बारिश मुआवजा | ₹164 करोड़+ – मार्च 2026 बेमौसम बारिश के लिए |
| बिजली बिल माफी | 7.5 HP तक के कृषि पंप – ₹20,000 करोड़ प्रावधान (महाराष्ट्र) |
| राजस्थान लोन | 27 लाख+ किसानों को ब्याजमुक्त फसल ऋण – खरीफ 2026 |
| राजस्थान सब्सिडी | ₹800 करोड़ ब्याज सब्सिडी – राज्य सरकार खुद देगी |
| हेल्पलाइन | 1800-180-1551 (टोल-फ्री, महाराष्ट्र) |
| Official Portal | mahaadhikar.in | maharashtra.gov.in |
| आवेदन शुल्क | शून्य – बिल्कुल मुफ्त |
| Critical Warning | 30 जून के बाद विंडो बंद – कोई एक्सटेंशन घोषित नहीं |



