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सोने पर आयात शुल्क 6% से 15%: रातोंरात ₹27,000 महंगा हुआ सोना, शादी का बजट बिगड़ा

₹13,910 का रातोंरात झटका, सोने की आयात ड्यूटी 15% पहुंची और आम भारतीय की जेब पर बड़ा असर

13 मई 2026 की सुबह जब देश अखबार खोल रहा था, वित्त मंत्रालय एक नोटिफिकेशन जारी कर चुका था जिसने करोड़ों भारतीयों की जेब पर सीधा असर डाल दिया। सोने पर आयात शुल्क (Gold Import Duty) एक झटके में 6% से बढ़कर 15% हो गई। MCX पर सोना उसी दिन 6% से ज़्यादा उछला, 24 कैरेट सोना ₹1,67,890 प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया यानी सिर्फ 48 घंटों में ₹13,910 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी। जो परिवार अगले महीने बेटी की शादी के लिए जेवर खरीदने वाले थे, उनका बजट रातोंरात बिगड़ गया।

क्यों ड्यूटी बढ़ाई ? असली वजह तेल है, सोना नहीं

यह फैसला सोने के खिलाफ नहीं है यह ईरान युद्ध और डूबते रुपये के कारण हुआ है। अमेरिका-ईरान युद्ध ने होर्मुज़ को बंद कर दिया, जिससे भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति पर सीधा खतरा आया। Brent Crude ₹73 से उछलकर ₹107 प्रति बैरल पर पहुँच गया। रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर है। और इसी दबाव में भारत का चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) GDP के 0.2% से बढ़कर 1.3% हो गया।

Gold Import Duty Hike 2026: 10 ग्राम सोने पर ₹13,910 का झटका - अब क्या करें खरीदार?

वित्त मंत्रालय के एक सूत्र ने PTI को बताया कि सरकार “मात्रात्मक प्रतिबंधों की बजाय मूल्य-आधारित हतोत्साहन” का रास्ता चुन रही है। सीधे शब्दों में “सोने को महंगा करो ताकि लोग कम खरीदें”, डॉलर की बचत हो।

आम खरीदार की जेब पर कितना असर?

नई ड्यूटी संरचना में 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी + 5% कृषि बुनियादी ढाँचा सेस (AIDC) शामिल है। All India Gem & Jewellery Domestic Council (GJC) के अध्यक्ष राजेश रोकड़े के अनुसार, पहले जहाँ 10 ग्राम सोने पर ड्यूटी और टैक्स मिलाकर करीब ₹13,500 बनते थे, अब वह बढ़कर ₹27,000 प्रति 10 ग्राम हो गए हैं।

तुलना बिंदुपहले (6% ड्यूटी)अब (15% ड्यूटी)
24K सोना (10 ग्राम)~₹1,53,980~₹1,67,890
ड्यूटी + टैक्स का बोझ~₹13,500~₹27,000
100 ग्राम ब्राइडल सेट~₹15.4 लाख~₹16.8 लाख
MCX गोल्ड फ्यूचर्स (उसी दिन)₹1,53,000₹1,64,497 (+7.2%)

शादी का मौसम, भारी झटका

Senco Gold के MD-CEO सुवंकर सेन ने कहा कि बाज़ार में अफवाहें हैं कि GST भी 3% से बढ़ सकती है। इस डर से Goodreturns की रिपोर्ट के अनुसार जेवर की बिक्री 15-20% तक बढ़ गई है यानी लोग घबराकर अभी खरीद रहे हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह खुशी लंबे समय तक नहीं टिकेगी। भारी ब्राइडल सेट की जगह अब हल्के गहने ट्रेंड में आएंगे।

Indian Bullion and Jewellers Association (IBJA) के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने माना कि कुल ज्वेलरी डिमांड 5-7% और कुल गोल्ड डिमांड 10% तक गिर सकती है। Kalyan Jewellers और Titan जैसी कंपनियों के शेयर भी दबाव में आए।

सरकार ने सोने पर ड्यूटी बढ़ाई, तस्करी का खतरा भी बढ़ा - IBJA और GJC ने क्यों जताई चिंता?

एक आम गलतफहमी जो आपको नुकसान दे सकती है

गलतफहमी: “ड्यूटी बढ़ी है, इसलिए डिजिटल गोल्ड और Gold ETF सस्ते रहेंगे।”

सच्चाई: यह बिल्कुल गलत है। Gold ETF और डिजिटल गोल्ड की कीमत भी घरेलू बाज़ार के भाव से जुड़ी होती है, जो आयात शुल्क बढ़ने से सीधे ऊपर जाती है। ड्यूटी हाइक के उसी दिन Gold ETF के NAV भी तेजी से ऊपर गए। World Gold Council के अनुसार, मार्च तिमाही में ही भारत के Gold ETF में निवेश 186% साल-दर-साल बढ़ा था और अब यह रकम और महंगी हो गई है।

स्मगलिंग का डर

GJC और IBJA दोनों ने एक ही आशंका जताई: ग्रे मार्केट वापस जिंदा हो सकती है। इसे सिर्फ डर नहीं, इतिहास से जोड़कर देखें। 2012-13 में जब ड्यूटी 10% तक पहुँची थी, तो तस्करी तेज़ हुई। 2022 में भी यही हुआ। 2024 में जब ड्यूटी 6% की गई थी, तब स्पष्ट रूप से कहा गया था कि मकसद तस्करी रोकना है। एक मुंबई बेस्ड बुलियन डीलर ने (जिन्होंने नाम नहीं बताया) BusinessToday को बताया: “मौजूदा भाव पर तस्कर लाखों का मुनाफा कमा सकते हैं।”

घरों में बंद 25,000-35,000 टन सोना

The Federal की रिपोर्ट बताती है कि भारतीय घरों और मंदिरों में अनुमानित 25,000 से 35,000 टन सोना बंद पड़ा है यह दुनिया के किसी भी देश के सरकारी भंडार से ज़्यादा है। अगर यही “मुर्दा पूंजी” अर्थव्यवस्था में आए, तो भारत को एक किलो भी विदेश से नहीं मंगाना पड़े। Gold Monetisation Scheme इसी के लिए बनी थी लेकिन जटिल प्रक्रिया और कम जागरूकता की वजह से यह ज़मीन पर नाकाम रही। उद्योग जगत अब माँग कर रहा है कि न्यूनतम डिपॉजिट सीमा घटाई जाए और e-KYC आसान हो।

Gold Import Duty बढ़ी तो क्या डिजिटल गोल्ड और ETF में शिफ्ट होना समझदारी है?

अब आप क्या करें?

  • शादी के लिए सोना खरीदना है? घबराकर मत खरीदें। जेवर एक्सचेंज का विकल्प देखें पुराना सोना देकर नया लेना अभी सबसे किफायती तरीका है।
  • निवेश के लिए सोना लेना था? Sovereign Gold Bond (SGB) पर नज़र रखें इसमें डिमांड बढ़ेगी और सरकार नई सीरीज़ ला सकती है।
  • Gold ETF में हैं? घबराएं नहीं कीमतें ऊपर गई हैं, नुकसान नहीं है। लेकिन अभी नई खरीद से पहले बाज़ार को स्थिर होने दें।
  • जेवर व्यापारी हैं? GJC की 13 मई की इमर्जेंसी बैठक के निर्णयों पर नज़र रखें और अपने स्टॉक का पुनर्मूल्यांकन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. सोने पर आयात शुल्क 15% होने से मेरी शादी के जेवर कितने महंगे होंगे?

अगर आप 100 ग्राम सोना खरीदने वाले थे, तो पहले की तुलना में अब करीब ₹1.35-1.40 लाख ज़्यादा देने होंगे। IBJA के अनुसार प्रति 10 ग्राम पर ड्यूटी और टैक्स का बोझ ₹13,500 से बढ़कर ₹27,000 हो गया है। पुराना सोना एक्सचेंज करना अभी सबसे किफायती विकल्प है।

Q2. क्या Gold ETF या डिजिटल गोल्ड इस ड्यूटी हाइक से बचे रहेंगे?

नहीं यह सबसे बड़ी गलतफहमी है। Gold ETF और डिजिटल गोल्ड की कीमत घरेलू सोने के भाव से जुड़ी है, जो आयात शुल्क बढ़ने से सीधे ऊपर जाती है। ड्यूटी हाइक के उसी दिन Gold ETF की NAV भी तेज़ी से बढ़ी।

Q3. क्या यह ड्यूटी हाइक स्थायी है या बजट में फिर बदल सकती है?

यह बदल सकती है और इतिहास यही कहता है। भारत ने 2012, 2013, 2022, 2024 और अब 2026 में ड्यूटी बदली है। यह नीति अक्सर विदेशी मुद्रा भंडार, व्यापार घाटे और वैश्विक संकट के अनुसार तय होती है। फिलहाल ईरान युद्ध और कच्चे तेल का संकट जब तक रहेगा, ड्यूटी ऊँची रहने की संभावना है।

Disclaimer: यह लेख केवल सूचना और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। सोने में निवेश या खरीदारी से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें। सोने की कीमतें बाज़ार की स्थिति के अनुसार बदलती रहती हैं।

Written by: Anil Sinha – News Hours18

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